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विक्ट्री डे 2025: रूस का गर्व, इतिहास और वर्तमान के बीच पुल

विक्ट्री डे: सिर्फ एक तारीख नहीं..

9 मई को रूस हर साल जोश और सम्मान के साथ विक्ट्री डे मनाता है। यह दिन केवल एक सैन्य विजय का प्रतीक नहीं है, बल्कि साहस, बलिदान और राष्ट्रीय गौरव की गाथा है। 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के समाप्त होने पर सोवियत संघ ने जर्मनी पर जीत हासिल की थी, और तभी से यह दिन रूस के इतिहास में खास जगह बनाए हुए है।


ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: कैसे बनी ये तारीख एक राष्ट्रीय उत्सव

द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत भूमिका

जब दुनिया जर्मनी की आक्रामकता से जूझ रही थी, उस समय सोवियत संघ ने पूर्वी मोर्चे पर निर्णायक भूमिका निभाई। 26 मिलियन से अधिक सोवियत नागरिकों ने इस युद्ध में जान गंवाई। जब हिटलर की सेना ने 9 मई 1945 को आत्मसमर्पण किया, तो उस दिन को ‘Victory Day’ घोषित किया गया।


विक्ट्री डे 2025 की तैयारियां: भव्यता और संदेश

रेड स्क्वायर पर परेड

हर साल की तरह इस बार भी मॉस्को के रेड स्क्वायर में विशाल सैन्य परेड आयोजित की जाएगी। टैंकों, मिसाइलों, लड़ाकू विमानों और सैनिकों की टुकड़ियों के साथ यह परेड रूस की सैन्य ताकत और परंपरा का प्रदर्शन करेगी।

नई तकनीकों की झलक

इस वर्ष की परेड में रूस अपनी नई पीढ़ी की मिसाइल तकनीक, ड्रोन सिस्टम, और साइबर डिफेंस इक्विपमेंट भी पेश करेगा, जो रूस की भविष्य की सैन्य दिशा को दर्शाता है।


राष्ट्रवाद और राजनीति का संगम

रूस में विक्ट्री डे केवल इतिहास का उत्सव नहीं है, यह वर्तमान राजनीति और जनता की भावनाओं को भी दर्शाता है। राष्ट्रवाद, सैन्य ताकत और वैश्विक छवि – तीनों को एक मंच पर दिखाने का यह दिन रूसी सरकार की नीति का हिस्सा बन चुका है।


रूस-यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय निगाहें

2025 में यह दिन उस समय आ रहा है, जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष जारी है। इस बार की परेड पर न केवल देश की निगाहें होंगी, बल्कि दुनियाभर के राजनयिक और मीडिया संगठन भी इसकी व्याख्या करेंगे – क्या यह केवल सैन्य गौरव है या राजनीतिक संदेश?


आम जनता की भागीदारी

वयोवृद्धों का सम्मान

इस दिन द्वितीय विश्व युद्ध में लड़ने वाले सैनिकों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाता है। उनके अनुभव और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए स्कूलों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक समारोहों का आयोजन होता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

देशभर में कविता पाठ, फिल्म स्क्रीनिंग, युद्ध स्मारकों पर श्रद्धांजलि, और देशभक्ति गीतों के कार्यक्रम होते हैं, जिनमें नागरिक बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं।


यूक्रेन युद्ध: क्या जीत का एलान होगा?

रूस द्वारा यूक्रेन के कई इलाकों—लुहांस्क, डोनास्क, खेरसान, जैपोर्ज़िया और क्रीमिया—पर कब्ज़ा कर लिया गया है। ऐसे में विक्ट्री डे पर पुतिन द्वारा इन इलाकों को ‘अधिकृत जीत’ के रूप में घोषित करने की संभावना है। यही कारण है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय यूनियन के नेताओं को 9 मई को कीव आमंत्रित किया है, ताकि वे रूस के इस ‘जश्न’ का विरोध कर सकें।


अमेरिका और ट्रंप की भूमिका

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करवा सकते हैं। लेकिन जब रूस ने सुमी शहर पर हमला कर 34 लोगों की जान ले ली, तो ट्रंप ने इसे “हॉरिफिक” ज़रूर कहा, लेकिन साथ ही इसे “गलती” बताकर पुतिन को परोक्ष राहत भी दे दी।

इस बयान के पीछे कई राजनीतिक विश्लेषक यह मानते हैं कि ट्रंप नहीं चाहते कि रूस अमेरिका विरोधी ब्लॉक जैसे ब्रिक्स या चीन के साथ अधिक सक्रिय हो।


वैश्विक प्रतिक्रिया: शक्ति परीक्षण का मंच

रूस ने भारत, चीन, ब्राज़ील, सर्बिया, बेलारूस, कज़ाकिस्तान जैसे कई मित्र राष्ट्रों को विक्ट्री डे में आमंत्रित किया है। वहीं यूरोपीय यूनियन ने अपने सदस्य देशों और बाल्कन देशों को चेताया है कि अगर वे इस समारोह में शामिल होते हैं, तो उन्हें EU सदस्यता से हाथ धोना पड़ सकता है।

सर्बिया और स्लोवाकिया जैसे देशों को सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी गई है, और कई देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे रूस नहीं जाएंगे—चाहे उन्हें निमंत्रण मिला हो।


भारत की स्थिति

भारत को भी विक्ट्री डे में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि भारत प्रतिनिधिमंडल भेज सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री की उपस्थिति अभी तय नहीं है। भारत की नीति हमेशा से संतुलित रही है, लेकिन इस बार निर्णय कठिन हो सकता है।


 

निष्कर्ष: विक्ट्री डे अब एक भू-राजनीतिक औज़ार

रूस का विक्ट्री डे अब केवल इतिहास का सम्मान नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का प्रतीक बन चुका है। पुतिन इसे एक संदेश के रूप में पेश कर रहे हैं—कि रूस न केवल युद्ध में मजबूती से खड़ा है, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी उसकी पकड़ कम नहीं हुई है।

यूक्रेन की प्रतिक्रिया, पश्चिमी देशों का दबाव और ट्रंप की रणनीति—ये सब मिलकर दिखाते हैं कि 9 मई 2025 को मनाया जाने वाला विक्ट्री डे एक साधारण उत्सव नहीं, बल्कि एक वैश्विक राजनीतिक बयान है।


विक्ट्री डे कब और क्यों मनाया जाता है?

उत्तर: हर साल 9 मई को रूस द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी पर जीत की याद में मनाया जाता है।

इस दिन की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

उत्तर: मॉस्को की रेड स्क्वायर पर होने वाली विशाल सैन्य परेड, जिसमें रूस अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करता है।

क्या विक्ट्री डे का कोई राजनीतिक महत्व है?

उत्तर: हां, यह दिन राष्ट्रवाद और राजनीतिक संदेश का भी माध्यम बन गया है, खासकर जब देश बाहरी या आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रहा हो।

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